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Thursday, September 3, 2020

राम ही राम।

 राम ही राम

विपुल लखनवी नवी मुंबई।।

करना है प्रेम श्रीराम से करो।
काम यही नेक उनके नाम से करो।।
रामनाम जग से तारेगा तुम्हे।
राम नाम प्यारा ही उबारेगा तुम्हे।।
रामनाम महिमा प्यारी है सुनो।
राम नाम से संकट दूर हों करो।।
करना है प्रेम श्रीराम से करो।
काम यही नेक उनके नाम से करो।।


रामनाम जप कर कितने सुधरे।
मरा मरा जप बाल्मीकि निखरे।।
तुलसी रामनाम गाकर अमर हुए।
हनुमत रामनाम से अजर हुए।।
कवियों के प्यारे राम सदा बने।
रामनाम अमृत से भक्ति करो।।
करना है प्रेम श्रीराम से करो।
काम यही नेक उनके नाम से करो।।


दास विपुल रामनाम महिमा गाए।
ईष्ट कृपा सदा काम आए।।
अपना जीवन राम नाम भर लो।
राम नाम दर्शन ह्रदय कर लो।।
आज है शुभ घड़ी प्रण तो करो।
राम नाम से यह जीवन वर लो।।
करना है प्रेम श्रीराम से करो।
काम यही नेक उनके नाम से करो।।


स्तुतिकार: विपुल लखनवी नवी मुंबई।

 

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