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Friday, August 9, 2019

सोंचो देश के लिये। देश है तो हम

सोंचो देश के लिये। देश है तो हम

कवि : विपुल लखनवी, मुम्बई MOB : 09969680093

अरे सीकुलर अब तो सोचो, भविष्य देश का कैसा है। 

क्या इंतजार देश बर्बादी, या आई एस के जैसा है॥ 

उल्टे सीधे तर्क हो देते, क्या आत्मा सोई है। 

जब भी ऐसी घटना होती, भारतमाता रोई है॥ 

 

 

पर तुम कुछ भी नहीं सुनोगे, चाहे कुछ भी हो जाये। 

आंख बन्द सोते रह जाओ, चाहे देश ही लुट जाये॥ 

जिस तेरी आबरू बिकेगी, सरेआम बाजारों में। 

नहीं रहेगा उस दिन कोई, आसूं पोछे यारों में॥ 

 

 

यह इतिहास पुन: दोहराता, भारत कैसा टूटा था। 

अफगां, बर्मा, स्याम सहित पाक ने हमको लूटा था॥ 

तब भी तुम बस तर्क थे करते, अपने धर्म को बेचा था।

बहनें कर दीं मुगल हवाले, पैसा भी कुछ खींचा था।। 

 

 

आज वही हमको दिखता है, भारत फिर लुट जायेगा। 

चन्द स्वार्थी नेता बनकर, सद् राह कौन दिखायेगा॥

यह सच है हम बंटे हुये हैं ऊंच नीच अभिशाप यहां। 

पर हम अपने भारतवासी, एक रक्त का बीज जहां॥ 

 

 

तर्क कुतर्क हम कर सकते हैं जब तक हिन्दू बडॆ रहेगें।

जिस दिन यह छोटे होगें, तर्क कुतर्क फिर नहीं बचेगें॥ 

तलवारों का जोर बहुत है, यह इतिहास बताता है।

क्रूर हमेशा क्रूर रहेंगें दुख का गीत सुनाता है॥ 

 

 

क्या आई.एस. से कुछ न सीखा, या मेनन के जलसे से। 

खुले आम जो राष्ट्र विरोधी, गतिविधियां न हलके से॥ 

निजी स्वार्थ से उठकर सोचों, बडा देश से क्या होगा। 

इसे बचाओ भविष्य की सोचो, खडा देश फिर क्या होगा॥ 

 

 

एक विनय मैं यह करता हूं, देश मेरा यह अखंड रहे। 

मेरे अपने भाई जो भी, सोंचे समझे प्रचंड रहे॥

आओ हमसब करें प्रतिज्ञा, देश को अपने बचाना है। 

जो रूठे नासमझ हैं बन्धु, उनको विपुल समझाना है॥.

 

 

MMSTM समवैध्यावि ध्यान की वह आधुनिक विधि है। कोई चाहे नास्तिक हो आस्तिक हो, साकार, निराकार कुछ भी हो बस पागल और हठी न हो तो उसको ईश अनुभव होकर रहेगा बस समयावधि कुछ बढ सकती है। आपको प्रतिदिन लगभग 40 मिनट देने होंगे और आपको 1 दिन से लेकर 10 वर्ष का समय लग सकता है। 1 दिन उनके लिये जो सत्वगुणी और ईश भक्त हैं। 10 साल बगदादी जैसे हत्यारे के लिये। वैसे 6 महीने बहुत है किसी आम आदमी के लिये।"  सनातन पुत्र देवीदास विपुल खोजी
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